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इस गांव में सिर्फ एक बार जाने से मिट जाती है गरीबी, भगवान शिव का है वरदान

इस गांव में सिर्फ एक बार जाने से मिट जाती है गरीबी, भगवान शिव का है वरदान

   


अगर आप गरीब हैं तो उत्तराखंड के इस गांव में आइए। यहां भगवान शिव की ऐसी महिमा है कि जो भी आता है उसकी गरीबी दूर हो जाती है। यहीं नहीं इस गांव को श्रापमुक्त जगह का दर्जा प्राप्त है। ये माना जाता है कि यहां आने पर व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो जाता है

 यह जगह है उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित देश का सबसे अंतिम गांव माणा। यहीं पर माना पास है जिससे होकर भारत और तिब्बत के बीच वर्षों से व्यापार होता रहा था। पवित्र बदरीनाथ धाम से 3 किमी आगे भारत और तिब्बत की सीमा स्थित इस यह गांव का नाम भगवान शिव के भक्त मणिभद्र देव के नाम पर पड़ा था। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार के उपाध्यक्ष पंडित नंद किशोर पुरोहित बताते हैं कि इस गांव में आने पर व्यक्ति स्वप्नद्रष्टा हो जाता है। जिसके बाद वह होने वाली घटनाओं के बारे में जान सकता है।

डॉ. नंद किशोर के मुताबिक माणिक शाह नाम एक व्यापारी था जो शिव का बहुत बड़ा भक्त था। एक बार व्यापारिक यात्रा के दौरान लुटेरों ने उसका सिर काटकर कत्ल कर दिया। लेकिन इसके बाद भी उसकी गर्दन शिव का जाप कर रही थी। उसकी श्रद्धा से प्रसन्न होकर शिव ने उसके गर्दन पर वराह का सिर लगा दिया। इसके बाद माना गांव में मणिभद्र की पूजा की जाने लगी।

शिव ने माणिक शाह को वरदान दिया कि माणा आने पर व्यक्ति की दरिद्रता दूर हो जाएगी। डॉं नंदकिशोर के मुताबिक मणिभद्र भगवान से बृहस्पतिवार को पैसे के लिए प्रार्थना की जाए तो अगले बृहस्पतिवार तक मिल जाता है। इसी गांव में गणेश जी ने व्यास ‌ऋषि के कहने पर महाभारत की रचना की थी। यही नहीं महाभारत युद्ध के समाप्त होने पर पांडव द्रोपदी सहित इसी गांव से होकर ही स्वर्ग को जाने वाली स्वर्गारोहिणी सीढ़ी तक गए थे।

भारत के मुख्यमंत्री और राज्यपाल

✒✒ *भारत के* *मुख्यमंत्री - राज्यपाल*
         .
*1) राज्य : अरुणाचल प्रदेश*
राजधानी : इटानगर
मुख्यमंत्री : पेमा खंडू  (रा.कॉ.)
राज्यपाल : ज्योतीप्रसाद राजखोवा
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*2) राज्य : असम*
राजधानी : दिसपुर
मुख्यमंत्री : सर्वानंद सोनोवाल (भाजप)
राज्यपाल : पी.बी. आचार्य
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*3) राज्य : आंध्रप्रदेश*
राजधानी : हैदराबाद (प्रस्तावित : अमरावती)
मुख्यमंत्री : एन. चंद्राबाबू नायडू (टीडीपी)
राज्यपाल : ई.एल. नरसिंहम 
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*4) राज्य : बिहार*
राजधानी : पटना
मुख्यमंत्री: नितिश कुमार (जेडीयू)
राज्यपाल : रामनाथ कोविंद
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*5) राज्य : छत्तीसगढ़*
राजधानी : नया रायपुर
मुख्यमंत्री : डॉ. रमण सिंग(भाजप)
राज्यपाल : बलराम दास टंडन
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*6) राज्य : दिल्ली (कें.प्र.)*
राजधानी : दिल्ली
मुख्यमंत्री : अरविंद केजरीवाल(आप)
राज्यपाल : नजिब जंग
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*7) राज्य : गोवा*
राजधानी : पणजी
मुख्यमंत्री : लक्ष्मीकांत पार्सेकर (भाजप)
राज्यपाल : मृदुला सिन्हा
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*8) राज्य : गुजरात*
राजधानी : गांधीनगर
मुख्यमंत्री : आनंदी बेन पटेल (भाजप)
राज्यपाल : ओ.पी. कोहली
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*9) राज्य : हरियाणा*
राजधानी : चंडिगढ़
मुख्यमंत्री : मनोहरलाल खट्टर (भाजप)
राज्यपाल : कप्तानसिंग सोलंकी
.
*10) राज्य : हिमाचल प्रदेश*
राजधानी : शिमला
मुख्यमंत्री : वीरभद्रसिंग (रा. कॉ.)
राज्यपाल : आचार्य देवव्रत
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*11) राज्य : जम्मु काश्मीर*
राजधानी : जम्मू, श्रीनगर 
मुख्यमंत्री: मेहबूबा मुफ्ती (पीडीपी)
राज्यपाल : एन.एन. व्होरा
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*12) राज्य : झारखंड*
राजधानी : रांची
मुख्यमंत्री : रघुवर दास (भाजप)
राज्यपाल : श्रीमती द्रोपदी मुर्मू
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*13) राज्य : कर्नाटक*
राजधानी : बंगलुरू 
मुख्यमंत्री : सिद्धरम्मैया (रा. कॉ.)
राज्यपाल : वजुभाई वाला
.
*14) राज्य : केरल*
राजधानी : तिरूअनंतपुरम
मुख्यमंत्री : पीनाराई विजयन (माकप)
राज्यपाल : पी. सथशिवम
.
*15) राज्य : मध्य प्रदेश*
राजधानी : भोपाल
मुख्यमंत्री : शिवराजसिंह चौहान ( भाजप )
राज्यपाल : राम नरेश यादव
.
*16) राज्य : महाराष्ट्र*
राजधानी : मुंबई
मुख्यमंत्री : देवेंद्र फडणवीस ( भाजप )
राज्यपाल : सी. विद्यासागर
.
*17) राज्य : मणिपुर*
राजधानी : इंफाल
मुख्यमंत्री : ओकराम इबोबी सिंग (रा. कॉ.)
राज्यपाल : व्ही. षण्मुखानाथन
.
*18) राज्य : मेघालय*
राजधानी : शिलाँग
मुख्यमंत्री : मुकुल संगमा ( रा. कॉ.)
राज्यपाल : व्ही. षण्मुखनाथन
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*19) राज्य : नागालैंड*
राजधानी : कोहिमा
मुख्यमंत्री : टी.आर. झेलियांग (एन.पी. एफ.)
राज्यपाल : पद्मनाथ आचार्य
.
*20) राज्य : मिजोरम*
राजधानी : ऐजॉल
मुख्यमंत्री : पु. ललथनहवला (रा. कॉ.)
राज्यपाल : निर्भय शर्मा
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*21) राज्य : ओडिशा*
राजधानी : भूवनेश्वर
मुख्यमंत्री : नवीन पटनाईक ( बीजेडी )
राज्यपाल : एस.सी.जमीर
.
*22) राज्य : पांडिचेरी (कें.प्र.)*
राजधानी : पांडिचेरी
मुख्यमंत्री : व्ही. नारायणसामी ( रा. कॉ.)
राज्यपाल : किरण बेदी
.
*23) राज्य : पंजाब*
राजधानी : चंडीगढ़
मुख्यमंत्री : प्रकाश सिंग बादल (अकाली दल)
राज्यपाल : कप्तानसिंग सोलंकी
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*24) राज्य : राजस्थान*
राजधानी : जयपूर
मुख्यमंत्री : वसुंधरा राजे शिंदे (भाजप)
राज्यपाल : कल्याण सिंग
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*25) राज्य : सिक्किम*
राजधानी : गंगटोक
मुख्यमंत्री : पवनकुमार चामलिंग (एसडीएफ)
राज्यपाल : श्रीनिवास पाटिल
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*26) राज्य : तमिलनाडू*
राजधानी : चेन्नई
मुख्यमंत्री : जे. जयललिता (एआयएडीएमके)
राज्यपाल : के. रोसैय्या
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*27) राज्य : तेलगांना*
राजधानी : हैदराबाद
मुख्यमंत्री : चंद्रशेखर राव (टीआरएस)
राज्यपाल : इ. एस. एल. नरसिंहन
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*28) राज्य : त्रिपुरा*
राजधानी : अगरतला
मुख्यमंत्री : माणिक सरकार (माकप)
राज्यपाल : तथागत रॉय
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*29) राज्य : उत्तरप्रदेश*
राजधानी : लखनऊ
मुख्यमंत्री : अखिलेश यादव (सपा)
राज्यपाल : राम नाईक
.
*30) राज्य : उत्तराखंड*
राजधानी : देहरादून
मुख्यमंत्री : हरिष रावत ( रा. कॉ.)
राज्यपाल : कृष्णकांत पॉल
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*31) राज्य : पश्चिम बंगाल*
राजधानी : कोलकता
मुख्यमंत्री : ममता बॅनर्जी (टीएमसी)
राज्यपाल : केसरीनाथ त्रिपाठी

सोशल मीडिया पोस्ट पर नहीं होगी जेल, धारा 66A रद्द

23 जुलाई 2016। नई  दिल्ली ।।सुप्रीम कोर्ट ने आज सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66A पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसे अंसवैधानिक घोषित करते हुए रद कर दिया। न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि आईटी एक्ट की यह धारा संविधान के अनुच्छेद 19(1) A का उल्लंघन है, जोकि भारत के हर नागरिक को "भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार" देता है। कोर्ट ने कहा, धारा 66A अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का हनन है।अदालत के आदेश के बाद अब फेसबुक, ट्विटर, लिंकड इन, व्हाट्स एप सरीखे सोशल मीडिया माध्यमों पर कोई भी पोस्ट डालने पर किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी। इससे पहले धारा 66A के तहत पुलिस को ये अधिकार था कि वो इंटरनेट पर लिखी गई बात के आधार पर किसी को गिरफ्तार कर सकती थी। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में आईटी एक्ट की धारा 66A को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता श्रेया सिंघल ने इस फैसले को बड़ी जीत बताते हुए कहा, सुप्रीम कोर्ट ने लोगों के भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को कायम रखा है।सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में कहा गया कि यह कानून अभिव्यक्ति की आज़ादी और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है, इसलिए यह असंवैधानिक है। याचिकाओं में ये मांग भी की गई है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े किसी भी मामले में मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना कोई गिरफ़्तारी नहीं होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने 16 मई 2013 को एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा था कि सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले व्यक्ति को बना किसी सीनियर अधिकारी जैसे कि आईजी या डीसीपी की अनुमति के बिना गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।दूसरी तरफ सरकार की दलील थी कि इस कानून के दुरूपयोग को रोकने की कोशिश होनी चाहिए। इसे पूरी तरह निरस्त कर देना सही नहीं होगा। सरकार के मुताबिक इंटरनेट की दुनिया में तमाम ऐसे तत्व मौजूद हैं जो समाज के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। ऐसे में पुलिस को शरारती तत्वों की गिरफ़्तारी का अधिकार होना चाहिए। अनुच्छेद 66A के तहत दूसरे को आपत्तिजनक लगने वाली कोई भी जानकारी कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन से भेजना दंडनीय अपराध है। सुप्रीम कोर्ट में दायर कुछ याचिकाओं में कहा गया है कि ये प्रावधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ हैं, जो हमारे संविधान के मुताबिक़ हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। इस बहस के बीच सरकार ने अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा। सरकार ने अदालत से कहा कि भारत में साइबर क्षेत्र पर कुछ पाबंदियां होनी ज़रूरी हैं क्योंकि सोशल नेटवर्किंग साईट्स का इस्तेमाल करने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है।

जानिए किसको मिला कौन सा विभाग

जानिए किसको मिला कौन सा विभाग, घाटे में स्म्रति , जेटली , गंगवार , वीरेंद्र सिंह समेत कई
5 July 2016 11:18 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए कैबिनेट का स्वरूप तय हो गया है. मंगलवार सुबह 19 नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है. राज्य मंत्री से प्रमोट होकर कैबिनेट मंत्री बनाए गए प्रकाश जावड़ेकर को स्मृति ईरानी से छीनकर मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय सौंपा गया है, जबकि स्मृति को कपड़ा मंत्रालय दिया गया है.
नए कैबिनेट में जहां वित्त मंत्री अरुण जेटली का भार कम किया गया है, वहीं वेंकैया नायडू पर प्रधानमंत्री ने और अधि‍क भरोसा जताया है. नायडू को शहरी विकास मंत्रालय, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन के साथ ही महत्वपूर्ण सूचना और प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी भी दी गई है.
दूसरी ओर, रेल राज्य मंत्री रहे मनोज सिन्हा को अब संचार मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार भी सौंपा गया है. कैबि‍नेट विस्तार से पहले जहां नजमा हेपतुल्ला की अल्पसंख्यक मंत्रालय से छुट्टी की अटकलें जोरों पर थीं, वहीं इन सब पर विराम लगाते हुए उन्हें यथावत रखा गया है.
मोदी मंत्रिमंडल में किसको क्या मिला-

एक किसान के घर एक दिन उसका कोई परिचित मिलने आया

एक किसान के घर एक दिन उसका कोई परिचित मिलने आया। उस समय वह घर पर नहीं था। उसकी पत्नी ने कहा-'वह खेत पर गए हैं। मैं बच्चे को बुलाने के लिए भेजती हूं। तब तक आप इंतजार करें।' कुछ ही देर में किसान खेत से अपने घर आ पहुंचा। उसके साथ-साथ उसका पालतू कुत्ता भी आया। कुत्ता जोरों से हांफ रहा था। उसकी यह हालत देख, मिलने आए व्यक्ति ने किसान से पूछा-'क्या तुम्हारा खेत बहुत दूर है?' किसान ने कहा-'नहीं, पास ही है। लेकिन आप ऐसा क्यों पूछ रहे हैं?' उस व्यक्ति ने कहा-'मुझे यह देखकर आश्चर्य हो रहा है कि तुम और तुम्हारा कुत्ता दोनों साथ-साथ आए, लेकिन तुम्हारे चेहरे पर रंच मात्र थकान नहीं जबकि कुत्ता बुरी तरह से हांफ रहा है।' किसान ने कहा-'मैं और कुत्ता एक ही रास्ते से घर आए हैं। मेरा खेत भी कोई खास दूर नहीं है। मैं थका नहीं हूं। मेरा कुत्ता थक गया है। इसका कारण यह है कि मैं सीधे रास्ते से चलकर घर आया हूं, मगर कुत्ता अपनी आदत से मजबूर है। वह आसपास दूसरे कुत्ते देखकर उनको भगाने के लिए उसके पीछे दौड़ता था और भौंकता हुआ वापस मेरे पास आ जाता था। फिर जैसे ही उसे और कोई कुत्ता नजर आता, वह उसके पीछे दौड़ने लगता। अपनी आदत के अनुसार उसका यह क्रम रास्ते भर जारी रहा। इसलिए वह थक गया है।'
देखा जाए तो यही स्थिति आज के इंसान की भी है। जीवन के लक्ष्य तक पहुंचना यूं तो कठिन नहीं है, लेकिन लोभ,मोह अहंकार और ईर्ष्या जीव को उसके जीवन की सीधी और सरल राह से भटका रही है। अपनी क्षमता के अनुसार जिसके पास जितना है, उससे वह संतुष्ट नहीं। आज लखपति, कल करोड़पति, फिर अरबपति बनने की चाह में उलझकर इंसान दौड़ रहा है। अनेक लोग ऐसे हैं जिनके पास सब कुछ है। भरा-पूरा परिवार, कोठी, बंगला, एक से एक बढ़िया कारें, क्या कुछ नहीं है। फिर भी उनमें बहुत से दुखी रहते हैं। बड़ा आदमी बनना, धनवान बनना बुरी बात नहीं, बनना चाहिए। यह हसरत सबकी रहती है। उसके लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी तो थकान नहीं होगी। लेकिन दूसरों के सामने खुद को बड़ा दिखाने की चाह के चलते आदमी राह से भटक रहा है और यह भटकाव ही इंसान को थका रहा है। यह लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा है। जीवन के सही लक्ष्य को पाने को मिली ऊर्जा को आज का इंसान बर्बाद करता जा रहा है। मोह,लोभ, अहंकार और ईर्ष्या से बचकर लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में सीधे-सीधे आगे बढ़ते रहे तो फिर एक दिन उसे मंजिल मिल ही जाएगी। लेकिन इनके चक्कर में पड़ेगा तो वह थक ही जाएगा।..

हमारे साध समाज ने भगत मारग पर ही अपनी नींव रखी है

हमारे साध समाज ने भगत मारग पर ही अपनी नींव रखी है। भगत मारग भी ऐसा जहां कोई ढोंग या आडम्बर नहीं। मालिक का नाम लेना, उनकी सिफत के बखान करना, लोगों के सुख दुख में अपनी तरफ से हो सके उतना सहयोग करना। हम बचपन से देखते और सुनते चले आ रहे है  कि जब फर्रुखाबाद में गंगा में बाढ आती थी, तो सधवाडे से तत्कालीन नई पीढी के नौजवान साध, बाढ-पीडितों के लिए भोजन और कपडों की मदद लेकर नाव से दूर पास के गांवों में जाते थे। उस काम में आंधी, तूफान, बरसात, रात या दिन नहीं देखते थे। मालिक की ऐसी मेहेर है कि उस परम्परा को आज की पीढी ने और भी आगे बढाते हुए उसमें नये अध्याय जोडे हैं। संगत फर्रुखाबाद से मुंबई, दिल्ली, कलकत्ता, सूरत, ईरोड तथा अन्य स्थानों पर कारोबार के लिए फैल गई लेकिन उन्होंने अपनी परमारथ की परंपरा को और भी अधिक मजबूती ही दी। पिछले समय से संगत में ट्रस्ट बना कर संगत में जरूरतमंदों की अनेक तरह से मदद करना। इसमें अपना समय, धन और तन खर्च किया। कई बार जाडों में गरीबों में कंबल वितरण किया होगा जिसकी कोई गिनती नहीं। कश्मिर में आई बाढ में किसी बात की परवाह ना करते हुए वहां जाकर पीडितों की मदद की, जो कि तारीफे काबिल रहा।
पहले हमारे पहुंचे हुए करनी मान साधों के पास दीन दुखी अपनी पीडा लेकर आते थे, जिसके लिए साध या बाई मालिक से अर्दास कर उनकी पीडा को कम करने की या समाप्त करने की मांग मालिक दाता से करते थे। ये बहुत ही नेक काम संगत में शुरू से ही होते आए हैं। समय बदला तो परमारथ के स्वरूप में भी परिवर्तन आया। जैसे पहले साध काम कम होने के कारण चौकी या गंगा की बिसरातों पर अपना समय भक्ति में बिताते थे। आज संगत में काम कारोबार बढ गए हैं और उसी अनुपात में मालिक ने धनसम्पन्नता भी दी है। लेकिन साधों के आचरण में कोई परिवर्तन नहीं आया। बल्कि अब वे और भी अधिक परमारथ करने का मन बना कर काम करने लगे। कई साधों ने अपनी कमाई का एक निश्चित हिस्सा अच्छे काम में खर्च करने का रिवाज बना लिया है।
नई पीढी ने अब व्हाट्सएप पर ग्रुप बना कर बतकई, रोजाना के अच्छे से अच्छे विचार, तथा आवश्यकतानुसार संगत में संदेश देकर  अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करने का कार्यक्रम बहुत ही उम्दा तरीके से कर रहे है। वर्तमान काल में नेपाल में आए हुए भूकंप में प्रभावित लोगों को मदद के रूप में आवश्यकतानुसार सामग्री या खाने पीने की वस्तुओं के वितरण का मन बनाया तो इसी व्हाट्सएप की मदद भी बहुत काम आई। संगत के साधों में तो होड लग गई कि मानो हम पहले से पहले अपनी तरफ से जो भी हो सके वो मदद पहुँचाएं। कोई तन से कोई मन से कोई धन से तो कोई तन-मन और धन तीनों से मदद में जुटा है। साधों के मते में सबसे प्रमुख बात परमारथ की है सो उसे उठाने के लिए एक नई मिसाल बना दी। मदद करने वाले में ट्रस्ट के अलावा साधों में विशेषकर दीपक साध, नोएडा, प्रकाश मोहन साध, मिर्जापुर, राकेश साध, चमकेश साध, फेन्सी डाईंग, बिपिन साध, नरेश साध, मिर्जापुर, बज्जर देव साध, मुंबई, रविंदर साध, फेन्सी डाईंग, सतीश चन्दर साध एसके डाईंग, नीरज कुमार पंकज कुमार, एनकेसी, सरस चन्दर साध-सन्दीप साध, अविनाश  कुमार साध, रकम एक्सपोर्ट, सुरेश चन्दर सलता कुमारी साध, एन आर, निर्दोष कुमार जोधन भान, सुभाष चन्द्र साध, केएस, प्रवीण साध-रोहित साध, मिर्जापुर, बिरजेशमनी उपकारमनी साध, नरेन्द्र शाह चाचा, रामरूप साध, एएस, विनय प्रकाश-नवीन-नीरज साध, रविन्दर कुमार अमितेश साध, यतेन्दर मोहन-मनोज कुमार साध, राकेश साध-सुलेखा साध, समुन्दर भान साध, डीगवासी, उमेश प्रकाश-शशी साध, केशवभान साध, नेताजी, राकेश बाबू साध, सीआर, निर्दोष साध, एनवाय, संदीप साध, डीपी, नरशी शाह-मानिक शाह, विनोद कुमार साध, राजश्री, विजय फूल साध-प्रीतफूल साध, श्रवण मोहन साध, दीपक कुमार साध-प्रबल कुमार साध, गोची, व्यासदेव साध-रतनदेव साध, अरुण कुमार साध-वरुण कुमार साध, निर्दोष कुमार साध-सचिन कुमार साध, धर्मेन्द्र मनी साध- प्रशान्त मनी साध, नरेश भान साध, नितेश एनके, चुनमुन विवेक साध-सूरत, वीरभान संजय कुमार साध, रविन्सन मोहन साध, (ग्रुप लीडर), रविन साध-बिरयन वाले, सतेन्दर कुमार साध-पाडावासी, भवित साध, मनोज साध-संजय साध-जनता प्रिन्ट, नरेन्द्र कुमार साध नितेश-कानपुर, अनीश-गौरव, अविनेश चन्दर मयूर साध, दीपक साध-लोकेश साध, राजकुमार साध-जयेश साध एस एस, दुर्बाषचन्दर साध-नरेश कुमार साध, पन्नालाल साध, सविनय साध-राजश्री, जवाहर लाल साध परिवार, सन्तोष साध-सनील साध, अशोक कुमार साध-गौरव कुमार साध, जेबी, रतन मनी साध-संजीव मनी साध, परमेन्दर साध-प्रतीक साध, जीतू साध, जेके, आशीष साध-उजास साध, अजीत साध-कपिल साध, मुंबई, दिनेश कुमार साध-अमरीका डाईंग, धर्मेन्द्र साध-संगीता प्रिन्ट, निर्मल चन्दर सुशील बाबू साध, राजीव साध-बनारस वाले, सुरेन्दर मोहन साध-अनूप साध, मिर्जापुर, रितेश साध-पप्पी, मुकेश चन्द साध-सुजीत साध, एम डी, देश दीपक साध-रविन साध, दिनेस चन्द्र अनुपम साध, विनोद कुमार राजीव कुमार साध, मनोज कुमार साध प्रथम स्टाइल, धरमवीर साध-योगेश साध, सिद्धार्थ साध, सतेन्दर-निलेश साध-आगरा, ब्यास भान साध-राजन कुमार साध, राजवीर साध-रचना साध, शरद कुमार साध-ईरोड, श्रीमोहन साध-चार्ल्स मोहन साध, सूरत, अखिल कुमार साध-विशेष कुमार साध, नरेश कुमार साध-रोहित कुमार साध, सूरत, विनोद कुमार साध-प्रमेश साध, डीडी, नितिन सनी साध, ईरोड, इन्द्रेश भान सौरभ साध, कोलकाता, अखिलेश्वर नरायन साध-कपिल कुमार साध, जयपाल जिन्दल-आदित्य जिन्दल, संजय साध-सनी साध, सिटी डाईंग, दीपक ट्रान्सपोर्ट, फर्रुखाबाद, राजू-छोटी साध, विनोद कुमार रिसव कुमार, रमेश साध, ईरोड, जितेन्दर साध-आकर्षण साध, शैलेस साध-रोयल साध, शैलस कुमार साध-अभिषेक कुमार साध, सतनामी, अशोक कुमार साध-नवीन कुमार साध, रुपेश कुमार साध-राजू साध, अनूप साध, सूरत, रूपकिशन अजय कुमार साध, नवरतन साध, सुमित कुमार साध, फर्रुखाबाद, किशन कुमार साध-अमर कुमार साध, सुभाष चन्द्र साध-सोहित कुमार साध, चेतन प्रकाश, शक्कर वाले, गगन बुलगानी साध सूरत, मनोज कुमार साध-रूमे साध, सूरत, अखन कुमार साध-अमरेश साध, छोटे बाबू-मनोज मोहन, सुमलत भान साध, दुर्बाष मनी साध-अनुपम मनी साध, सूरत, नमित साध, सतनामी, संजीव मोहन साध, मिर्जापुर, सुनील साध-सुभय साध, अनिल कुमार निक्की, फर्रुखाबाद, उमेश साध, मिर्जापुर, निशान्त साध, राजश्री, विपिन साध-वरुण साध, प्रकाश साध-मोहित साध, नरेश भान साध-नीरज कुमार साध,(बुचके), रविन्दर कुमार साध-रजत साध, सूरत, राजेश साध, महुरायत (सी ब्लॉक), सरस इम्पेक्स के कर्मचारीगण, एन आर इन्टरनेशनल कर्मचारीगण, एकेसी कर्मचारीगण, छोटू-गोची कर्मचारीगण, एन प्रकाश कर्मचारीगण तथा रिलायन्स भवन की तरफ से आर्थिक सहयोग मिला।

ग्रुप के सदस्यों ने सिर्फ विचार बनाया और मालिक ने अपने बन्दों के मन में भाव जागृत कर दिये मानों मदद करने की होड लग गई हो। अभी तो ये जारी है, कहां तक पहुंचेगी ये तो मालिक जाने। लेकिन संगत को टहल का मौका देकर मालिक दाता ने संगत पर मेहेर बरसाई है।

इस काम में संगत के व्हाट्सएप के ग्रुप के सदस्यों का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ कि उन्होंने अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में एक विशेष ऊंचाई प्राप्त की है।

दिनेश साध, मुंबई।


    बस मन को मीठा कर लो ।      क्योकि...     इस धरा का...    इस धरा पर... सब धरा रह जायेगा ।।
                                   💞 खिलते हुये पुष्प ब खिलते हुये चेहरे सबको पसन्द है ।

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कृपया इसे बिना आगे भेजे या साझा किये ना मिटायें ! अपने सभी जानने वालों को भेजें ! सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिये गये इस लाभ को सभी तक पहुंचाने की इस मुहीम को आगे बढायें और सफल बनायें !
ये दवाई कंपनी की बहुत बडी सोची समझी साज़िश है कि generic दवाइयों को रोका जाये ! लेकिन कोर्ट ने जनहित व दवाइयों की जरुरत को ध्यान में रखा !
दया की कोई कीमत नहीं होती!

जीवन की विडंबना

॥जीवन की विडंबना॥
॥विचित्र किन्तु सत्य॥

||| एक व्यंग |||

»एक वकील आशा करता है कि आप किसी मुसीबत में फसें,...
»एक डाक्टर आशा करता है कि आप बीमार हों,...
»एक मकान मालिक ये आशा करता है कि आप अपना घर न खरीदें,...
»एक dentist उम्मीद करता है की आपके दांत ख़राब हों,...
»एक मिस्त्री (यंत्र विज्ञानी) ये चाहता है कि आप की गाड़ी ख़राब हो जाये,...
»एक पत्रकार ये आशा करता है कि कहीँ कोई घटना घट जाये...

--- परन्तु केवल---

एक कपडे का वेपारी उम्मीद करता है कि  आपके परिवार मे कोई ना कोई शुभ कार्य होता रहे.....

मित्रो....

कपडे के वेपारी का सम्मान करें ।
धन्यवाद।

Your lose your mobile in India,you can get it back


Your  lose your mobile in India,
    you can get it back.
Got an interesting fact  to share..
Nowadays each one of us
carries very high end or latest
Mobile devices which always
Fears that it may be stolen.

Each mobile carries a unique
IMEI no. i.e. International Mobile Equipment Identity No which
can be used to track your
mobile anywhere in the world.

This is how it works!!

1. Dial *#06# from your mobile.

2. Your mobile shows a unique
    15 digit.

3. Note down this no anywhere
     But except in your mobile as
     this is the Number which will
     help trace your mobile in
     Case of a theft.

4. Once stolen you just have to
     E-mail this 15 digit IMEI No.
     to cop@vsnl.net with detail
     Mentioned below.
  
Your name:____________________
Address:______________________
Phone model:_________________
Make:_________________________
Last used No.:_________________
E-mail for communication:_____
Missed date:___________________
IMEI No :_______________________

      5. No need to go to the
          police.

      6. Your Mobile will be traced
           within next 24 hrs via a
           complex system of GPRS
          and internet, You will find
          where your hand set is
          being operated even in
          case your No. is being
          changed.