किसी को पता नहीं सुख 7 नहीं 8 होते हैं

किसी को पता नहीं सुख 7 नहीं 8 होते हैं

1. पहला सुख निरोगी काया!
अर्थात हमारे शरीर में किसी भी प्रकार का कोई भी रोग नहीं होना चाहिए कोई बीमारी नहीं होनी चाहिए कोई कष्ट नहीं होना चाहिए किसी भी प्रकार की पीड़ा से मुक्त शरीर ही पहला सुख है।

2. दूसरा सुख घर में माया!
अर्थात जीवन जीने के लिए, दान पुण्य करने के लिए, और आनंद से जीवन व्यतीत करने के लिए हमारे घर में पर्याप्त माया हो।माया अर्थात धन होना चाहिए।

3. तीसरा सुख पुत्र आज्ञाकारी!
यदि किसी के पास अपार धन-दौलत हो रूप हो गुण हो ऐश्वर्या हो इज्जत हो लेकिन यदि उसका पुत्र उसकी ही आज्ञा नहीं मानता है तो वे तमाम सुख सुविधाएं उसके लिए नर्क के समान है पुत्र का आज्ञाकारी होना अति आवश्यक है।

4. चौथा सुख सुलक्षणा नारी!
सभी प्रकार के सुख सुविधाएं होते हुए रूप सौंदर्य होते हुए विभिन्न प्रकार के विलासिता के साधन होते हुए भी यदि पत्नी अच्छे लक्षणों वाली नहीं है तो जीवन में सुख नहीं हो सकता इसलिए एक पत्नी का सुलक्षणा होना अति आवश्यक है।

5. पांचवा सुख राज में पाया!
अर्थात यदि घर में मुख्य पुरुष के सरकारी नौकरी हो या वह राज्य कार्यों से जुड़ा हुआ हो राज्य से उसको आमदनी प्राप्त होती हो और राजकाज आसानी से हो जाते हो।

6. छठा सुख पड़ोसी "भाया"!
अर्थात हमारे पड़ोस में रहने वाले लोग इस प्रकार के होने चाहिए कि हमारे विचार उनसे मिलते हो और उनके विचार हमसे मिलते हैं वह हमारे साथ हमेशा अच्छा सोचते हो और हमारे सुख-दुख में सहयोगी होने चाहिए अन्यथा यदि सभी प्रकार की सुख सुविधाएं होने के बावजूद भी यदि पड़ोसी कुटिल है और हमारी हानि करने वाला है तो वह भी एक प्रकार का दुख है इसलिए पड़ोसी का अच्छा होना सुख माना गया है।

7. सातवा सुख मात पिता का साया!
जिस व्यक्ति के माता और पिता जीवित होते हैं वह व्यक्ति सभी सुखों को पा लेता है माता पिता की सेवा करने का अवसर प्राप्त होता है और माता-पिता का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है तो माता-पिता का जीवित रहना भी एक प्रकार का सुख है।

8. आठवां सुख पुत्री का साया!
वैसे तो सुख सात ही प्रकार के माने गए हैं किंतु घर में पुत्री का होना आठवां सुख माना गया है इसलिए घर में 🌿यदि पुत्री हो और उपरोक्त सभी सुख उपलब्ध हो तो ये आठों सुख माने गए हैं।

महाभारत का सार सिर्फ़ नौ लाइनों में

महाभारत का सार सिर्फ़ नौ लाइनों में समझें, जिसमें पाँच लाख श्लोक हैं....*

आप किसी भी धर्म के हों,
चाहे आप औरत हों या मर्द,
चाहे आप गरीब हों या अमीर,
चाहे आप अपने देश में हों या विदेश में,
संक्षेप में...
*अगर आप इंसान हैं, तो महाभारत के ये 9 अनमोल मोती ज़रूर पढ़ें और समझें....*

1. `अगर आप समय रहते अपने बच्चों की बेवजह की मांगों और इच्छाओं पर कंट्रोल नहीं करेंगे, तो आप ज़िंदगी में लाचार हो जाएँगे...` *'कौरव'*

2. `आप कितने भी ताकतवर क्यों न हों, अगर आप अधर्म का साथ देंगे, तो आपकी ताकत, हथियार, हुनर और आशीर्वाद सब बेकार हो जाएँगे...` *'कर्ण'*

3. `अपने बच्चों को इतना बड़ा न बनाएँ कि वे अपने ज्ञान का गलत इस्तेमाल करके पूरी तबाही मचा दें...`
*'अश्वत्थामा'*

4. `कभी ऐसे वादे न करें कि आपको अधर्मियों के आगे झुकना पड़े...`  *'भीष्म पितामह'*

5. `अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल *धन, शक्ति, अधिकार और गलत लोगों का साथ आखिर में पूरी बर्बादी की ओर ले जाता है...`
*'दुर्योधन'*

6. `कभी भी सत्ता की बागडोर किसी अंधे व्यक्ति को मत दो, यानी जो स्वार्थ, धन, घमंड, ज्ञान, मोह या वासना में अंधा हो, क्योंकि वह बर्बादी की ओर ले जाएगा...`
*'धृतराष्ट्र'*

7. `अगर ज्ञान के साथ समझदारी है, तो आप ज़रूर जीतेंगे...` *'अर्जुन'*

8. `धोखा आपको हर मामले में सफलता नहीं दिलाएगा...`
*'शकुनि'*

9. `अगर आप नैतिकता, नेकी और कर्तव्य को सफलतापूर्वक बनाए रखते हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको नुकसान नहीं पहुंचा सकती।`
*'युधिष्ठिर'*

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     `

विटामिन बी 12 गुड बैक्टीरिया और एंटी ऑक्सीडेंट

एक महीना है लगभग रोज पिओ पूरे वर्ष विटामिन B12 बनाने व रोगों से लड़ने वाले नन्हे पर बलशाली रक्षकों वाली फौज प्राप्त होगी 
पुनः पोस्ट 
कांजी:- ***विटामिन बी 12 गुड बैक्टीरिया और एंटी ऑक्सीडेंट का महानतम स्त्रोत पारंपरिक भारतीय पेय ***

कांजी को आयुर्वेद में एक चमत्कारी पेय भी कहा जाता है जो आपके शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाती है। यह एक फर्मेंटेड ड्रिंक होती है जिसे पानी काली गाजर चुकंदर राई या पीली सरसों आंवला हल्दी  और काली मिर्च के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है।

 एक कांच के जार को गरम पानी से धो कर सुखा कर लीजिए.  इसमें 5 लीटर पानी कटी हुई 4 गाजर, 2आंवला हल्दी 1 बड़ा चकुंदर डालें 50ग्राम कच्ची हल्दी के टुकड़े 1 छोटी चम्मच सादा नमक, 2 छोटी चम्मच काला नमक, ½ छोटी चम्मच दरदरी कुटी काली मिर्च, 1 पिंच हींग और 2 बड़े चम्मच दरदरी कुटी राई या पीली सरसों डालिए.  अब इन्हें अच्छे से मिलाएं, फिर इसमें उबालकर ठंडा हुआ हुआ पानी डाल कर अच्छे से मिला कर सूती कपड़े से ढाक दीजिए.
इसे ढाक कर 3 से 4 दिन तक धूप में रखिए और शाम में अंदर रख लीजिए.  अगर धूप ना हो तो रसोई में किसी गरम जगह रखिए.  चौथे दिन इसे खोल कर मिला कर परोसें, इस तरह ये बनकर तैयार हो जाएगा.
सुबह एक गिलास खाली पेट पिएं 
कांजी पीने से इम्यूनिटी मज़बूत होती है.
 इसमें में घुलनशील फ़ाइबर होता है , जो पाचन के लिए फ़ायदेमंद होता है क्योंकि वो गुड बैक्टीरिया का भोजन होता है 
कांजी में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों के लिए बेहद फ़ायदेमंद होते हैं.
 एनर्जी का स्तर बढ़ता है.  सूजन कम होती है.
 वज़न नियंत्रण में रहता है.
मेटाबॉलिक रेट बढ़ती है.
आंखों की कमज़ोरी दूर होती है.
गाजर बीटा कैरोटीन और विटामिन-ए, सी ,के और जिंक से भरपूर होता है। वहींं चुकंदर एंटी ऑक्सीडेंट और विटामिन-सी से भरपूर होता है। इससे बनने वाली कांजी पोषक तत्वों का खजाना है।  एंटीऑक्सीडेंट शरीर में मुक्त कणों (फ्री रेडिकल्स) को निष्क्रिय करने, ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है

#गुड_बैक्टीरिया #प्री_बायोटिक #प्रोबायोटिक्स #स्ट्रेस #डिप्रेशन #एंजायटी #इम्युनिटी #ऑटोइम्यून 

हमारे शरीर की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है बैक्टीरिया जो हमारे शरीर की रक्षा प्रणाली विकास और पुनर्निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं 

क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर के अंदर विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया रहते हैं? माना जाता है की बैक्टीरिया बीमारी पैदा करते हैं, लेकिन उनमें से सभी हानिकारक नहीं होते हैं, सच तो यह है की उनमें से ज्यादातर कुछ नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और जीवन के लिए आवश्यक हैं।
भी। 5,000 से ज्यादा प्रकार के बैक्टीरिया पेट-आंत में पाए जाते हैं। इनमें से कुछ मित्र होते हैं व कुछ शत्रु।
ज्‍यादातर लोगों को लगता है कि बैक्‍टीरिया माने बीमारी। और वे उन्‍हें परास्‍त करने की अंधाधुंध लड़ाई का हिस्‍सा बन जाते हैं। लेकिन बाद हमें पता चला कि सारे बैक्टीरिया हमारे शत्रु नहीं होते हैं। कुछ अच्छे बैक्टीरिया भी हैं जो हमारे शरीर में एक मित्र की तरह मौजूद हैं। यह कई तरह के घातक हमलों से हमारी रक्षा करने की क्षमता रखते हैं।
कुछ बैक्टीरियाज ऐसे होते हैं जो हमारी सेहत की रक्षा करने के लिए दवाओं तक से लड़ जाते हैं पर हम उनके बारे में जान ही नहीं पाते और उनका अंधाधुंध कत्ल करते रहते हैं। ये उन बीमारियों से भी शरीर की रक्षा करने  में  सक्षम है जिनपर एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो चुकी हैं 

यह विश्वास करना मुश्किल हो सकता है लेकिन वास्तव में 100 ट्रिलियन बैक्टीरिया हमारे शरीर में होते हैं, जिनमें से अधिकांश आंत में पाए जाते हैं। उन्हें आँतों के फूल कहा जाता है और इसका वजन लगभग 600ग्राम से 1.5किलोग्राम होता है जितना हमारे लिवर का वजन है। वैज्ञानिक उन्हें “Forgotten Organ” कहते हैं क्योंकि वे हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं, हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं और हमारे शरीर को आकार देते हैं।

 आपको पता होना चाहिए कि हम बैक्टीरिया के बिना नहीं रह सकते- ये वे हैं जो भोजन के पाचन में और हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं ताकि हम infection से लड़ सकें और आराम से रह सकें। वे कई मायनों में हमारे Health Heroes हैं

अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को विकसित करने के लिए हमें बैक्टीरिया की आवश्यकता होती है; विशेष रूप से हमारी आंत में जिसमें हमारे शरीर की लगभग 70% प्रतिरोधक क्षमता होती है। ये बैक्टीरिया रोगों की गंभीरता को कम करने वाली हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पाचन तंत्र में बैक्टीरिया पोषक तत्वों को शोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिन्हें हमारे शरीर पचा नहीं पाते हैं। आप यह जानकर हैरान होंगे की खाने से लगभग 30% calories हमारे आंत के बैक्टीरिया की मदद से मिलते हैं।
हमारी आंतों की दीवाऱों को सुरक्षित रखने रिपेयर करने में सबसे बड़ा दायित्व यही सूक्ष्म यौद्धा व श्रमिक निभाते हैं जिससे हमारी रक्तवाहिकाओं में प्रदूषित रक्त का प्रवाह रूकता है 
कोई भी अल्सर या कैंसर शरीर में तभी पनपता है खासकर आंतों और लीवर में जब आपकी आंतों में ये सूक्ष्म यौद्धा कमजोर व संख्या में कम पड़ जाते हैं 

मैंने पचासों बार लिखा है कि विटामिन बी12 के लिए मांसाहार की आवश्यकता नहीं 
कुछ बैक्टीरिया हमारी आँतों में विटामिन्स बना सकते हैं जैसे की विटामिन K और विटामिन बी 12। खाना पकाने से विटामिन B आसानी से नष्ट हो जाता है और हम में से कई इस महत्वपूर्ण विटामिन की कमी से पीड़ित हैं। बैक्टीरिया इसे दूर करने में मदद कर सकते हैं।
हमारे मूड को प्रभावित करता है- गुड बैक्टीरिया बायो फर्मेंटेशन से विटामिन बी 12 का निर्माण करता है 
क्या कभी आप घबराहट या डर से बीमार पड़े हैं या आपके पेट में हलचल मची है। वैज्ञानिकों के अनुसार हमारे आंत के बैक्टीरिया डोपामाइन और सेरोटोनिन (हमारे आँतों के अच्छे हार्मोन हैं ये) जैसे हार्मोन का उत्पादन करके हमारे मूड को प्रभावित कर सकते हैं जो तनाव और चिंता को कम करते हैं।
ये नन्हे बैक्टीरिया भयंकर से भयंकर डिप्रेशन से बाहर निकाल सकते हैं 

इसलिए अच्छे बैक्टीरिया को बनाए रखना हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

एक अच्छी तरह से संतुलित आहार लेना, व्यायाम, पर्याप्त नींद, अधिक फाइबर, पानी और प्रोबायोटिक्स, ये सारे जीवन के लिए आवश्यक बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं।

अगर किसी व्यक्ति को हर समय पेट में भारीपन या फूला हुआ महसूस होता है, कब्ज या दिन में दो या ज्यादा बार मल त्याग करना पड़ता है, मुंह की उचित साफ-सफाई के बावजूद भी सांसों से दुर्गंध आती है. इसका मतलब आपकी आंत अस्वस्थ है. वहां बैड बैक्टीरिया या बुरे परजीवी अपना घर बना रहे हैं 

इस पर पूरी पुस्तिका लिखी जा सकती है 42 तरह से शरीर में काम करते हैं ये नन्हे हीरो 

DrJaibir Singh 
 9350272972
अवधूत आयुर्विज्ञान संस्थान जींद हरियाणा

शरीर की सभी नसों को खोलने का आयुर्वेदिक समाधान

शरीर की सभी नसों को खोलने का आयुर्वेदिक समाधान

➡️कपूर और नींबु कितने उपयोगी है👉दिन में सिर्फ़ एक बार यह साधारण सा उपाय करके देखिए, सिर के बाल से पैर की उंगली तक सारी नसें मुक्त होने का आपको स्पष्ट अनुभव होगा कि सिर से पैर तक एक तरह से करंट का अनुभव होगा, आपके शरीर की नसें मुक्त होने का स्पष्ट अनुभव होगा। हाथ–पैर में होने वाली झंझनाहट (खाली चढ़ना) तुरंत बंद हो जाती हैं।।

➡️पुराना घुटनों का दर्द और कमर, गर्दन या रीड की हड्डी (मणके) में कोई नस दबी या अकड़ गई है तो वह पूरी तरह से ठीक हो जाएगी, पुराना एड़ी का दर्द भी ठीक हो जाएगा। 

➡️इस उपाये से बहुत से लोगों के लाखों रुपए बच सकते हैं। पैर में फटी एड़ियां और डैड स्किन रिमूव हो जाती है और पैर कोमल हो जाते हैं और इसके पीछे जो विज्ञान और आयुर्वेद है. 

➡️यह उपाय करने के लिए हमें घर में ही उपलब्ध कपूर और नींबू, ये दो चीजें चाहियें। इस उपाय को करने के लिए डेढ़ से दो लीटर गुनगुना पानी लें, जिसका तापमान पैर को सहन होने जितना गरम हो, उसमे आधे नींबू का रस निचोड़े और फिर नींबू को भी उस पानी में डाल दें

➡️फिर दूसरी चीज कपूर है–कोई भी कपूर हो। कपूर की तीन गोलिय् बारीक पीस कर उसका पाउडर बना लें, यह भी उस पानी में मिला लें, फिर पांच से दस मिनट तक पैरों को इस पानी में डाल कर रखें।

➡️जैसे ही आप पैरों को पानी में डालेंगे, तो आपको इससे सिर से पैर तक एक तरह से करंट का अनुभव होगा। आपके सिर के बालों से पैर तक की सारी नसें मुक्त होने का स्पष्ट रूप से अनुभव होगा। इसका कारण यह है कि हमारे पैरों में 172 प्रकार के प्रेशर पॉइंट होते हैं, जो हमारे शरीर की सभी नसों के साथ जुडे होते हैं। 

➡️यह नींबू और कपूर वाला गुनगुना पानी इन 172 प्रकार के प्रेशर पॉइंट्स को मुक्त कर देता है और इससे शरीर की सारी नसें एकदम से रीएक्टिवेट हो जाती हैं और पूरी तरह से मुक्त हो जाती हैं, ऐसा अनुभव होता है।

➡️इस उपाय में सिर्फ पांच से दस मिनट तक इस पानी में पैर डाल कर रखने है और यह दिन में कभी भी सुबह या शाम को कर सकते हैं।

➡️इससे हाथ, पैर में होने वाली झनझनाहट (खाली चढ़ना) बंद हो जाती हैं और कोई नस दबी या अकड़ गई हो, तो वह खुल जाएगी और सिरदर्द भी इस उपाय से बंद हो जाता है।

➡️जिन लोगों को माइग्रेन की तकलीफ हो वह भी, पानी में पैर रखने के साथ ही बन्द हो जायेगी। अगर स्नायु अकड़ गये हों या शरीर दर्द कर रहा हो तो यह उपाय करके देखिए।

➡️इसका कोई साइड इफैक्ट नहीं है और यह उपाय सरल रूप से किया जा सकता है।

➡️यह उपाय पांच दिन करना है। यह उपाय दिखने में तो सरल लगता है मगर इस का रिज़ल्ट बहुत ही अच्छा और असरदार होता है आपको इससे नुकसान कुछ नहीं होगा फायदा ही होगा

Avena Sativa

दिमाग की ताकत बढ़ाने वाली एक बहुत ही शक्तिशाली नर्व टॉनिक है होम्योपैथिक दवा Avena Sativa Q

Avena Sativa Q  साधारण जई (Common Oat) के हरे-ताज़े पौधे से बनाई जाती है, जिसे हिंदी में जई का सत्व या ओट्स टिंक्चर कहते हैं। यह मुख्य रूप से नर्वस कमजोरी, नींद न आना, दिमागी थकान, शराब-नशा छुड़ाने, पुरुषों में कमजोरी, और तनाव के लिए इस्तेमाल होती है। 

लक्षण 

पढ़ाई में एकाग्रता नहीं, रात को नींद नहीं आती, हाथ-पैर में कमजोरी, या नशा छोड़ने में दिक्कत है तो यह दवा आपके लिए रामबाण है। 

खुराक

दिमागी थकान, पढ़ाई में ध्यान नहीं, याददाश्त कम।

पोटेंसी -30C

5-5 बूंद 3 baar

नर्वस कमजोरी: हाथ-पैर में कमजोरी, काँपना। 

पोटेंसी: 30C, 200C।

5-5 बूंद 3 बार

राब-नशा छुड़ाना: नशा छोड़ने पर बेचैनी, चिड़चिड़ापन। पोटेंसी: 30C

5 5 बूंद 3 baar

पुरुषों में कमजोरी: स्पर्मेटोरिया, नाइट फॉल, कमजोरी। 

पोटेंसी: 30C, 200C।

5 5 बूंद 3 बार

तनाव-डिप्रेशन: चिंता, बेचैनी, एकाग्रता की कमी। पोटेंसी: 200C।

5 5 बूंद 3 बार

बुजुर्गों में कमजोरी: पैरों में कमजोरी, चलने में दिक्कत।

 पोटेंसी: 30C।

5 5 बूंद 3 बार

परीक्षा का डर: स्टूडेंट्स में घबराहट, पसीना।

पोटेंसी: 30C।

हृदय की घबराहट: तनाव से धड़कन तेज। 

पोटेंसी: 30C। 
रिसर्च:-
 
नोट-एविना सटाइवा क्यू एक नेचुरल नर्व टॉनिक है जो दिमाग, नसें, नींद और ताकत को बढ़ाती है। यह पढ़ाई, नशा छुड़ाना, कमजोरी, और तनाव में रामबाण है। रिसर्च इसकी ब्रेन पावर और स्लीप क्वालिटी में सुधार को साबित करती है। हमेशा होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह लें।