बरगद का दूध बतासे में डालकर खाने वाला नुस्खा

बरगद का दूध बतासे में डालकर खाने वाला नुस्खा ऐसा है कि थोड़ा लिया तो फायदा करेगा, ज़रा ज़्यादा हुआ तो शरीर तुरंत नोटिस ले लेगा।
आयुर्वेद में इसे कमजोरी और थकान में उपयोगी माना जाता है, लेकिन ये चीज़ मिठाई नहीं है। एक छोटे बतासे पर बस 2–3 बूंद काफी होती हैं और वो भी हफ्ते में 1–2 बार।

बरगद के दूध यानी बरगद के पेड़ से निकलने वाले सफेद लेटेक्स को लेकर पारंपरिक घरेलू नुस्खों में यह कहा जाता है कि इसे बतासे के साथ एक-एक बूंद बढ़ाते हुए और फिर घटाते हुए 21 दिनों तक लेने से प्रमेह, स्वप्नदोष जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है, वीर्य की गुणवत्ता सुधरती है और शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार बरगद का दूध संकोचक (astringent) और पुष्टिकारक माना जाता है, 
जो धातु को मजबूत करने और शरीर की कमजोरी दूर करने में सहायक बताया जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि बरगद का लेटेक्स एक प्रकार का कच्चा पौधीय रस होता है, जो गलत मात्रा में लेने पर एलर्जी, पेट में जलन या अन्य दुष्प्रभाव भी कर सकता है। इन दावों पर आधुनिक वैज्ञानिक शोध बहुत सीमित हैं, इसलिए इस तरह का प्रयोग बिना योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।