गुरू के दरबार में दुनिया बदल जाती है

*गुरू के दरबार में*
   *दुनिया बदल जाती है..*
   *रहमत से हाथ की*
   *लकीर बदल जाती है..*
   *लेता जो भी दिलसे*
   *गुरू का नाम..*
   *एक पल में उसकी*
   *तक़दीर बदल जाती है ..!*
       🙏🏻💐🙏🏻💐🙏🏻💐
 *बिना गुरु के कोई अपनी* *नाव चला नही सकता* 
*चला दी है तो लाख कोशिश करके  भी पार लगा नही सकता जी*
*जिसका साथ दिया गुरु ने*
*फिर उसे कोई डूबा नही सकता*🌹🌹🙏🏻🙏🏻🌹🌹
 रहमतों की कमी नहीं 'मेरे साहिब' के खजाने में*

*झांकना खुद की झोली में है कि कहीं कोई 'सुराख' तो नहीं*