पर एक दरवाजा कभी बंद नहीं होता
और वह है मालिक का दरवाजा!
उनसे ही उम्मीद रखे, दुनिया से नहीं,
मैंने कहा मैं - - अपराधी हू,
मालिक ने कहा - - मैं माँफ कर दूँगा
मैंने कहा - - मैं परेशान हू,
मालिक ने कहा - - मैं सम्हाल लूंगा,
मैंने कहा - - मैं अकेला हू
मालिक ने कहा - - मैं तुम्हारे साथ हू
मैंने कहा - - मैं उदास हू
मालिक ने कहा - - नजर उठा कर देख
मैं तुम्हारे आश - पास ही हू!!