महिलाएं और लड़कियां आप सब की माँ, बहन, बेटी है । जिसे देव भी पूजते है


मित्रो  महिलाएं और लड़कियां आप सब की माँ, बहन, बेटी  है । जिसे देव भी पूजते है, आखिर इतना अत्याचार क्यों??????
सबसे पहले तो हमारे देश के कई परिवारो में आज भी कन्या भ्रूण  हत्या जैसे पाप् होते है। आखिर क्यों लड़कीयो को मारा जाता है? क्यों उन्हें जन्म नही लेने दिया जाता? क्यों? इसकी एक ही वजह हो सकती है कि उन लोगो को डर है कि लड़कियां लड़को से आगे बढ़ जाएंगी।
अगर लड़की जन्म ले ले तो उसे लड़को से कम माना जाता है ,,कई परिवारों में ऐसा क्यों?? क्या अंतर है दोनों में आखिर माँ एक है। फिर आती है जब लड़की कुछ करने के लिए बाहर निकले तो समाज के दुर्वेवाहर से उनकी काबिलियत दब जाती है।
समाज आज का इतना गन्दा क्यों होता जा रहा है? लड़कियों को छेड़ना, अपशब्द बोलना और बहुत बड़ी बात उसके इज्जत की तार तार करना। मुझे समझ नही आता लोग कहते है महिलाओं को छोटे कपडे नही पहनना चाहिये इसी के कारण बलात्कार होता है अरे भाई  6 महीने की बच्ची को साडी कहाँ से पहना दे ।हैवानियत की सोच बस हैवानियत ही होती है चाहे उम्र और कपड़े और शरीर कैसा भी हो । बहुत तकलीफ होती है आज और कल की महिलाओ की परिस्थितियों को सोच कर समझकर भी । मैं भी एक महिला हूँ इन सबालों का जबाब ढूढंति हूँ जबकि जानती हूँ की इसका जबाब और इसकी समाधान नामुनकिन है ।
इन हैवानो को जीने का हक नही है।
अंत में बस कुछ शब्द लड़कियों के ताकत पर
"इन्हें मत मारो ये जन्म लेके निखर जाएँगी,
इन्हें पढ़ाओ ये कुछ कर के दिखालयेंगी,
जितना रोकेगा जमाना इनको
ये उतना आगे बढ़ जाएंगी।।"