कामदेव_साबरमंत्रस्तोत्र

#कामदेव_साबरमंत्रस्तोत्र!! 
  ॐ क्लीं कामदेवाय नमः।
जिन स्त्री पुरुषों को जीवन में रस नहीं रहा, काम और भोग का आनंद लेना चाहते हैं ये मंत्र स्तोत्र बहुत ही लाभप्रद है। शुक्रवार या पुष्य नक्षत्र में शुरु करें वस्त्र आसन लाल रखें एवं मुख पश्चिम की ओर हो। गुरुदेव गणपति को प्रणाम करके संकल्प ले कर करें।

ॐ नमो आदेश गुरु को।गुरूजी को आदेश।
कामदेव कामदेव क्या करें।
तुम मेरे निकट हाजिर होकर सब स्त्रीपुरुष को मेरे वश में करें।
हर वक्त मेरे साथ रहे। मेरा कारज सिद्ध करें।
काम देव ब्रह्म का पूत,ब्रह्म के स्वेद से प्रकटे।
लेके सुन्दर पुष्प बाण, वश में करे सारा जहाँ।
हर्षण रोचन मोहन शोषण मारण हुए एक से एक महान।
वशीभूत करे सब जन फुलावे तीर कमान।
मन्मथ ,काम ,मनोभव ,मदन,कंन्दर्प।
अनंग ,कामदेव ,रागवृंत,मनसिजा और रतिकांत।
पुष्पवान ,पुष्पधंव ,प्रद्युम्न तथा भस्मशरीर।
नमन करने भस्मशरीर पुकारे।
वश करने हेतु मोहन क्रिया सुधारे।
रती ,प्रीती,रेवा ,मन्मथप्रिया,रागलता।
शुभांगी .कामकला ,कामप्रिया ,प्रीती-कामा ,मायावती।
सुन्दर काम की होवे मोहक कामिनी ।
अटल से अटल वश में करे ,मुग्ध दामिनी।
कुमकुम चन्दन कपूर गोरोचन सुहागा ।
टीका करके कामदेव सवारे भागा ।
प्रेम का तारा मोहय मोहय वश्य वश्य आकर्षय आकर्षय कामय कामय पूरय पूरय क्लेदय क्लेदय।
चाँद को जैसे चांदनी प्यारी प्रेम की भक्ति मन ही मन तारी।

ॐ कामाय नमः सम्मोहय सम्मोहय ।
ॐ भस्म शरीराय नमः सम्मोहय सम्मोहय।
ॐ अनंगाय नमः सम्मोहय सम्मोहय।
ॐ मन्मथाय नमः सम्मोहय सम्मोहय।
ॐ वसंत सखाय नमः सम्मोहय सम्मोहय।
ॐ इक्षु धनुर्धराय नमः सम्मोहय सम्मोहय।
ॐ भस्म शरीराय नमः सम्मोहय सम्मोहय।
ॐ पुष्प बाणय नमः सम्मोहय सम्मोहय।

केसर वेलची लोंग कुमकुम तथा सिंदूर।
मुट्ठी में लेकर मंत्र पंचम पढावे।
चुटकी में सुन्दर से सुन्दर वश में करावे।

ॐ कामदेवाय: विदमहे पुष्पबाणाय धीमहि तन्नो अनंग: प्रचोदयात।

सुख सम्पत्ति बहुत सी पावै।
अष्ट लक्ष्मी निज वास करवाई।
शिव पारवती प्रचुर आशीर्वाद देवे।
विष्णु लक्ष्मी सदा निकट होवे ।
माजी सागर में नैय्या तैरावे ।
कामदेव रति सौभाग्य दिलावे।
ॐ स्वामी ॐ स्वामी ॐ स्वामी
ॐ तत्सत।