प्रेम समाधि

💥🪷 सतनाम🪷💥 *हमारे प्यारे मालिक हमारे साथ हैं* हमारा और उनका कभी बिछड़ा नहीं हुआ, इसलिए वह हर पल मेरे साथ रहते हैं, मालिक को अपने पास मानना यह प्रेम समाधि है, दुनिया की जितनी भी समाधि हैं, यह उन सबसे सर्वश्रेष्ठ यह प्रेम समाधि है, बाकी सब समाधियो मै प्रयत्न करना पड़ता है, लेकिन प्रेम समाधि स्वत् सिद्ध प्रयत्न रहित है, यह समाधि जागृत अवस्था स्वपन सुसुप्त सभी अवस्था आदि में हमारे साथ रहती है, हमारे मालिक हम से प्रेम चाहते हैं, और उन से प्रेम करने के लिए हमें सतत उनका सुमिरन करता रहना चाहिए, उनका सुमिरन ही उनसे प्रेम करना है, और यही प्रेम समाधि है, हम जो भी सुमिरन करें मालिक को अपने पास मानकर सुमिरन करें, यह सुमिरन प्रेम समाधि में परिवर्तित हो जाता है, और हमारे मालिक को आनंद देता है, प्रेम समाधि में उल्टी गंगा बहने लगती है, यानी मालिक हम से आनंद लेने लगते है, प्रेम समाधि की यही खासियत है....