मालिक का रास्ता बड़ा सीधा है

*मालिक का रास्ता बड़ा सीधा है**— और बड़ा उलझा भी।* *बुद्धि से चलो तो बहुत उलझा,**भक्ति से चलो तो बड़ा सीधा।**विचार से चलो तो बहुत दूर ,**भाव से चलो तो बहुत पास।**नजरो से देखो तो कण कण मे ,**अंतर्मन से देखो  तो जन जन में।*
।। सतनाम।।