रिश्ते अंकुरित होते हैं प्रेम से

रिश्ते अंकुरित होते हैं प्रेम से,
जिंदा रहते हैं संवाद से,
महसूस होते हैं संवेदनाओं से,
जिये जाते हैं दिल से,
मुरझा जाते हैं गलत फहमियों से,
और बिखर जाते हैं अंहकार से,