सभी अपराधों के मूल में शराब होती है,

सभी अपराधों के मूल में शराब होती है, जब आदमी शराब पीकर शाम को घर आ ता है घर के बर्तन फेंकता है, भोजन फेंकता है।लड़ाई झगड़ा करता है, इससे घर नरक बन जाता है।अास  पड़ोस का माहौल खराब होता है। शराब समाज को घुन की  तरह खोखला कर रही है।हमारा समाज खोखला होगा तो हमारा राष्ट्र खोखला होगा और एक कमजोर राष्ट्र कभी भी गुलाम हो सकता है।अपने राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए शराब बंदी बहुत जरूरी है।अत सभी ग्रामवासियों से निवेदन है कि 30 दिसम्बर तक शराब बंदी के लिए जो आवेदन सरकार ने मांग रखें  हैं, इसके लिए सभी ग्रामवासी आगे आएं।