आरक्षण की आग खत्म कर देगी देश को 

★★ आरक्षण की आग खत्म कर देगी देश को  ? ★★
सबसे अधिक भ्र्ष्टाचार कहीं है तो वो है राजनीति !
सत्ता पर बने रहने और वोटों की लालसा ने भारत को इतना पीछे धकेल दिया है कि सिर्फ नारों के दम पर  देश कभी भी विश्व गुरु नहीं बन सकता ! हर राजनीतिक दल को सत्ता में रहने के लिए वोट चाहिए ! वोट की खातिर सभी राजनीतिक दलों ने देश को बर्बाद किया है ! जब जब आरक्षण के खिलाफ आवाज़ उठती है तब तब देश को सर्वोपरि बताने वाले छाती ठोक कर कहते है कि आरक्षण व्यवस्था जारी रहेगी ! यानी देश सर्वोपरि नहीं है बल्कि वोट सर्वोपरि है !
वोट बैंक की राजनीति ने देश को बांट कर रख दिया है !
★★  आरक्षण ★★
वोट बैंक की सियासत के लिए आरक्षण ने देश में कभी न मिटने वाली लकीर खींच दी है। आरक्षण ने देश में जातिगत व्वयस्था को और मजबूती दी है। हालत ये है कि आज देश की ऊंची जातियों ने भी आरक्षण की मांग शुरू कर दी है। राज्यस्थान में गुज्जरों को आरक्षण चाहिए। गुजरात में पटेलों को आरक्षण चाहिए। हरियाणा में जाटों को आरक्षण चाहिए। दरअसल ये जातियां कभी भी आरक्षण की पक्षधर नहीं थी। लेकिन देश में हावी होती आरक्षण व्यवस्था ने इन जातियों को भी आरक्षण की मांग उठाने के लिए मजबूर किया है। ये जातियॉ  योग्यता के आधार पर आरक्षण की पक्षधर रही है मगर सियासी दल अगर ऐसा करते है तो वोटबैंक हाथ से खिसकता है। इसलिए राजनीतिक दल ऊंची जातियों को आरक्षण देने के समर्थन में खड़े दिखाई देते है। इस मामले में कांग्रेस और भाजपा की नीति में कोई अंतर नहीं है। बीजेपी हरियाणा में जाट आरक्षण के समर्थन में बिल पास कर चुकी है। राज्यस्थान में गुज्जरों को आरक्षण की तैयारी है। गुजरात मे कांग्रेस ने पटेलों को आरक्षण का वादा किया है और भाजपा ने भी वहाँ पटेलों के वोट को साधने के लिए कमेटी बनाई है। ये जानते हुए कि सुप्रीम कोर्ट कह चुका है किसी भी हालत में आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता।
★★ मेरा ताऊ देवीलाल को सलाम ★★
ताऊ देवीलाल अनपढ़ थे लेकिन वो ये जानते थे कि आरक्षण इस देश को निगल जाएगा। इसलिए जब वीपी सिंह की सरकार ने मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू किया था तो उन्होंने उपप्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।
सरदारवल्लवभाई पटेल भी आरक्षण के समर्थन में नहीं थे। महात्मा गांधी जी को आरक्षम के मामले में अम्बेडकर के दबाव में झुकना पड़ा। बिहार चुनाव से पहले मोहन भागवत ने आरक्षण के विरोध के स्वर उठाए थे लेकिन भाजपा क्यो कई दिनों तक सफाई देनी पड़ी और बिहार से भाजपा हार गई। पिछड़ी जातियों को आरक्षण देने के फैसले से देश जल रहा था मगर फैसले का विरोध करने की हिम्मत किसी की नहीं हुई। दिल्ली में आरक्षण के विरोध में एक युवक ने खुद को आग लगा ली। लेकिन देश में जातियों के आधार पर आरक्षण देने की मुहिम जारी है। लानत है ऐसे दलों पर जिन्हें देश से नहीं सत्ता से प्रेम है।
★★ जय हिंद जय भारत ★★

आरक्षण से जातिवाद नही आया जातिवाद से  आरक्षण आया । जब तक लोगों की जातिवादी भावना खत्म नही होगी जब तक रोटी बेटी का सम्बन्ध नही बनेगा तब तक देश की एकता का सपना देखना दोगलेपन की निशानी है । रही बात डाॅ भीमराव अंबेडकर जी की उन्होंने उस समाज को मुख्य धारा मे लाना का प्रयास किया जिनपर धर्म के नाम पर जुल्म हुआ । कुछ लोग धर्म के नाम की  बड़ी बड़ी हुंकार भरते थे पर अपने धर्म के लोगो को न पानी देते थे न शिक्षा देते उल्टा जाति के नाम पर लाखो जुल्म करते थे । आज भी  लोग झूठी शान मे जीते हैं जिससे sc st पर सामाजिक भेदभाव  की  बहुत सी घटनाएं सामने आती हैं । सिर्फ घरों मे बैठकर और फेसबुकिए बनकर  आप कभी भी सच्चाई को नही जान सकते । आपको आरक्षण से दिक्कत तो है ही नही दिक्कत तो उनसे है जो कभी आपके पैरों के नीचे रहते थे और आज वो आपके सिर पर बैठने  लगे  हैं । अगर आप जातिवादी नही हैं तो बनाए आप हमारे साथ रोटी बेटी के सम्बन्ध, अगर  आपको लगता है कि इससे खुन की शुद्धता खत्म हो जाएगी तो आपको  बल्ड बैंकों मे थालियों के ऊपर जाति को दर्शाने के लिए एक मुहिम चलानी चाहिए तब आपको पता चलेगा कि सबसे ज्यादा खुन कौन दे रहा है जो कठिन मेहनत करते हैं ज्यादातर खुन वो ही देते हैं कई बार ब्लड किसी स्त्री की डिलीवरी से पहले चढ़ाया जाता है तो आप समझ सकते हैं ये खुन कहां तक पहुंच चुका है । मेरा यहां उद्देश्य  किसी को गलत साबित करना नही है पर थोड़ी सी सच्चाई की तरफ ध्यान दिलाना है जिसको लोग जानते हुए भी मानने से इंकार और  आंखे बंद करने की कोशिश करते हैं । किसी भी बात को उसकी मूल जड़ के साथ व्याख्या करनी चाहिए । अगर आप देश को या इन्सानियत के बारे मे सच्चे फिक्र मन्द हैं तो आपको चाहिए कि दोनों तरफ से कमियाँ दूर करे । जय भीम जय भारत ।