मुद्रा माटी हो गई मोदी भए कुम्हार

मुद्रा माटी हो गई, मोदी भए कुम्हार।
नेता मिलि के रो रहे, ऐसा हुआ प्रहार।।
दीदी गुर्राए यहाँ, वहाँ बहन जी रोय।
उधर केजरी दंग है; क्यों हमको मोदी धोय।।
दीदी जीजा धुल गए, धरे रह गए ठाठ।
मोदी ऐसा धो रहा, खड़ी हो गई खाट।।
नए नोट कब मिल सकैं, जोह रहे सब बाट।
भौतन को चिंता लग रही, कैसे होंगे अब ठाठ!
सीट बेंचि के पाये थे, रुपैया कछु करोड़।
क्षण भर में माटी भये, दिया हौसला तोड़।।
माया की माया गई , दिये मुलायम रोय।
इह झटके का अब यहाँ इलाज न होगा कोय।।
रहिमन रद्दी हो गई, बड़ी करेन्सी नोट।
यूपी औ पंजाब में कइसे मिलिही वोट।।
रहिमन आँखन ना दिखे, भीतर लागी चोट।
रहि रहि गारी दे रहे ,कह मोदी को खोट।

वास्तु सबंद्ध

वास्तु संबंध

ध्यान दीजिये----
-- यदि आपके मकान के किसी भी कोने में दोष हो,तो वहां शंख बजाना चाहीये, दोष निवारण होगा।।
.• घर में दुध वाले वृक्ष से गृहस्वामी फेफडे एवं किडनी के रोग से ग्रस्त होते है ।
.• घर में बंद पडी घडी भाग्य को अवरुद्ध करती है ।
.• पूजा स्थल में सुबह शाम दीपक जलाना सौभाग्य वर्धक है ।
.• पलंग के नीचे सामान या चप्पल रखने से ऊर्जा का बहाव अधिक होता है ।
.• ओफिस में पीठ के पीछे पुस्तक की अलमारी न रखे ।
.• मुकदमे या विवाह से संबंघित फाईल तिजोरी या लोकर में न रखे ।
.• पूजा स्थल के उपर कोई भी वस्तु न रखे ।
.• पूर्वज के चित्र पूजा कक्ष में रखने से घर में क्लेश एवं रोग होता है ।
.• घर में पूर्वज के चित्र नैऋत्य कोने या पश्चिम में रखे ।
• प्रस्थान के वक्त जुत्ते-चप्पल का नाम लेना अशुभ है ।
.• तुटा हुआ दर्पण ( आयना ) घर में न रखे ।
.• बेड रुम में डबल बेड पर दो अलग-अलग गद्दे रखने से तनाव एवं दंपति में दरार पडती है ।
.• बीम के नीचे डाईनींग टेबल रखने से उधार रकम वापस नही आती ।
.• शयन कक्ष में जल तथा दर्पण अशुभ है ।
.• छत पर उल्टा मटका रखने से राहु ग्रह कुपित होता है ।
.परेशानी आती है ।
.• भारी अलमारी या फर्निचर घर में दक्षिण या पश्चिम में रखे
.• शयनकक्ष, रसोई गृह एवं भोजन कक्ष बीम रहित होना चाहिए ।
.• तेजस्वी संतान प्राप्ति के इच्छुक दंपत्ति को एक थाली में भोजन नही करना ।
.उत्तर या पूर्व दिशा की ओर तिजोरी का पल्ला खुलना सबसे उत्तम है I
.• किसीभी कक्ष या शयन कक्ष में दरवाजे के पीछे कपडे आदि कुछ भी लटकाना नही चाहीये ।
.• सीढीयों के नीचे बैठकर कोइ भी काम न करे ।
.• प्रत्येक रविवार को बच्चों को दूध-रोटी और शक्कर अलग अलग या मिलाकर खिलाने से मेघा शक्ति बढती है
.• मुकदमा–विवाद या झघडे के कागजात उत्तर, पूर्व या ईशान दिशामें रखने से फैसले जल्दी आते है ।
.• शयन कक्ष में झुठे बर्तन रखने से कारोबार में कमी आती है और कर्ज बढता है ।
.• ईशान कोने में कचरा जमा होता है, तो शत्रु वृद्धि होती है ।
.• इशान कोने में वजन रखना अशुभ है एवं नैऋत्यमें जितना भार हो उतना अच्छा है ।
.• रसोई घरमें पूजा स्थान रखने से गृह स्वामी धोखा खाता है ।
.• नये बर्तनो को घर पर खाली नही ले जाना, फल-फुल या मिठाइयां डालना, कुछ न हो तो सिक्के डालकर ले आनI
.• दो अंगुली से पकडकर नोट लेना अशुभ है, लेन-देन पांचो अंगुलीओ से करनी चाहीए ।
.• कार्यालय या ओफिस में आगन्तुको की कुर्सीयो से अपनी कुर्सी कुछ उंची रखे ।
.• हंमेशा शिकायत करने से – रोने से घर में हानिकारक नकारात्मक उर्जा पैदा होती है
.• घरकी देहली के अंदर खडे रहकर दान देना चाहिये ।
.• स्नान कीये बिना दुकान नही जाना चाहीये ।
.• किसी भी शुभ चोघडीये में पीसी गई हल्दी में गंगा-जल मिलाकर मुख्य द्वार के दोनो तरफ ॐ बनाने से अनर्थ संभावना समाप्त हो जाती हैI
.• ईशान या उत्तर में तुलसी का पौधा लगाने से उधारी दूर होती है ।
.• धन प्राप्त करना हो तो दरवाजो को पैर से खोल-बंध न करे ।
.• शीशम के पन्नो को (पत्ते) सिरहाने रखने से स्वप्न दोष समाप्त हो जाता है ।
.• बुधवार को पुस्तक उधार देना नही चाहिये ।
.• दो दर्पण आमने सामने नही रखने चाहिये ।
.• अनजाने कुत्ते का पीछे आना शुभ सूचक है ।
.• चाय देते समय केतली या जग की नली महेमानो की तरफ रखने से आपस में गलतफहमी हो जाती है ।
.• नूतन घर में पुराना झाडु ले जाना अशुभ है ।।
🙏🏻

Haryana Sarkari Departments

Sr.NoDepartmentURL of the Web Site1Agriculture Department
http://agriharyana.nic.in
2Animal Husbandry & Dairying Department
http://pashudhanharyana.gov.in
3Archaeology & Museums Department
http://archaeologyharyana.nic.in
4Higher Education Department
http://www.highereduhry.com/

5Secondary Education Department, Haryana
http://schooleducationharyana.gov.in
6Elementary Education Department http://harprathmik.gov.in
7Elections Department
http://ceoharyana.nic.in
8Electronics & Information Technology Department
http://haryanait.gov.in
9Employment Department
http://www.hrex.org/
10Environment Department
http://harenvironment.gov.in/

  11Excise & Taxation Department
http://haryanatax.gov.in
12Finance Department
http://finhry.gov.in
13Fisheries Department
http://harfish.gov.in
14Food & Supplies Department
http://haryanafood.gov.in
15Forests Department
http://haryanaforest.gov.in
16Health Services Department

http://haryanahealth.nic.in
17Irrigation Department
http://hid.gov.in18Labour Department
http://hrylabour.gov.in
19Police Department
http://haryanapoliceonline.gov.in/20Prisons Department
http://haryanaprisons.gov.in
21Public Relations & Cultural Affairs and grievances Department
http://prharyana.gov.in
22Public Works Department
http://haryanapwd.gov.in
23Revenue and Disaster Management Department
http://revenueharyana.gov.in

24Rural Development Department.
http://haryanarural.gov.in
  25Tourism Departmenthttp://haryanatourism.gov.in
26Town & Country Plg. Department. 
http://tcpharyana.gov.in. 27Transport Department. 
http://hartrans.gov.in.
28Treasuries & Accounts Department.
http://hrtreasuries.gov.in
29Vigilance Department
http://haryanavigilance.gov.in
30Women and Child Department
http://wcdhry.gov.in
  31Public Health Engineering Department
   http://wss.hry.nic.in
   32Accountant General
   http://aghry.gov.in
  33Archives
   http://haryanaarchives.gov.in
     34Transport( Regulatory Wing)
   http://haryanatransport.gov.in
     35Civil Aviation   http://haraviation.gov.in
    36Consolidation, Land Records
   http://jamabandi.nic.in
   37Dev. & Panchayats
     http://harpanchayats.gov.in
     38E.S.A.
     http://esaharyana.gov.in
      39HIPA.
http://hipagurgaon.gov.in
      40Horticulture
    http://hortharyana.gov.in
     41Home Guards & Civil Defence
     http://homeguardsharyana.gov.in
      42Industries & Commerce
    http://haryanaindustries.gov.in
    43Indl. Trg. &Voc. Education
     http://itiharyana.gov.in
     44Haryana State Legal Services Authority
   http://hslsa.nic.in
     45Renewable Energy
  http://hareda.gov.in
   46Social Justice & Empower
   http://socialjusticehry.gov.in
    47Wel. of SCs & BCs
     http://scbchry.gov.in
     48Sports & Youth Affairs
      http://haryanasports.gov.in
      49Supplies & Disposals
    http://dsndharyana.gov.in/50Tech. Education
    http://techeduhry.nic.in
    51Food & Drug Administration Haryana
   http://fdaharyana.org
     52ESI Healthcare Haryana
http://hryesi.gov.in
   53Chief Electrical Inspector Department
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Advice from an Advocate

*Advice from an Advocate :*

Dear All,
I Wanted to highlight a very important aspect. In ordinary course we keep issuing and submitting our *KYC documents* (proofs such as *AADHAR Card* , *PAN card*,  *LICENCE* etc.) to various people.

For housing or car or other loans, bank accounts,or even for _buying new sim card_ we submit these documents.

At almost all these places they ask for self certification on these documents. We immediately sign those documents and hand over.

Just imagine your self certified copies are freely available in the hands of such persons & those documents can be used by him for EVERYTHING! 

For eg: Your *AADHAR / PAN Card / BSNL Bill* gets into the hands of a *Terrorist, he can misuse it to buy a SIM in your name AND YOU MIGHT BE ARRESTED for having Terror links*

Its really serious and its been seen that in most of the terrorist activities, KYC documents are sourced from the SIM card sellers.

Hence, please inculcate a 'HABIT' of *writing the date and purpose for which you are submitting the self certified KYC Documents* so that those documents cannot be used again.
Please share this as much as possible Forwarded as I felt
Necessary to everyone.

*it's very important to write the date and purpose, which we never do while submitting KYC documents.*

*Here after sign as
1..........signature
2..........Date
3.........Purpose
4. and not to be used for other purpose.*

Plz dont ignore and pass this msg to as many people u can..

कन्यादान हुआ जब पूरा आया समय विदाई का

कन्यादान हुआ जब पूरा,आया समय विदाई का ।।
हँसी ख़ुशी सब काम हुआ था,सारी रस्म अदाई का ।
बेटी के उस कातर स्वर ने,बाबुल को झकझोर दिया ।।
पूछ रही थी पापा तुमने,क्या सचमुच में छोड़ दिया ।।
अपने आँगन की फुलवारी,मुझको सदा कहा तुमने ।।
मेरे रोने को पल भर भी ,बिल्कुल नहीं सहा तुमने ।।
क्या इस आँगन के कोने में, मेरा कुछ स्थान नहीं ।।
अब मेरे रोने का पापा,तुमको बिल्कुल ध्यान नहीं ।।
देखो अन्तिम बार देहरी,लोग मुझे पुजवाते हैं ।।
आकर के पापा क्यों इनको,आप नहीं धमकाते हैं।।
नहीं रोकते चाचा ताऊ,भैया से भी आस नहीं।।
ऐसी भी क्या निष्ठुरता है,कोई आता पास नहीं।।
बेटी की बातों को सुन के ,पिता नहीं रह सका खड़ा।।
उमड़ पड़े आँखों से आँसू,बदहवास सा दौड़ पड़ा ।।
कातर बछिया सी वह बेटी,लिपट पिता से रोती थी ।।
जैसे यादों के अक्षर वह,अश्रु बिंदु से धोती थी ।।
माँ को लगा गोद से कोई,मानो सब कुछ छीन चला।।
फूल सभी घर की फुलवारी से कोई ज्यों बीन चला।।
छोटा भाई भी कोने में,बैठा बैठा सुबक रहा ।।
उसको कौन करेगा चुप अब,वह कोने में दुबक रहा।।
बेटी के जाने पर घर ने,जाने क्या क्या खोया है।।
कभी न रोने वाला बापू,फूट फूट कर रोया है।।