गुरु का महत्व

🥀 गुरु का महत्व🥀

मैने एक आदमी से पूछा कि गुरू कौन है! वो सेब खा रहा था,उसने एक सेब मेरे हाथ मैं देकर मुझसे पूछा इसमें कितने बीज हें बता सकते हो

सेब काटकर मैंने गिनकर कहा तीन बीज हैं!
उसने एक बीज अपने हाथ में लिया और फिर पूछा
इस बीज में कितने सेब हैं यह भी सोचकर बताओ?
मैं सोचने लगा एक बीज से एक पेड़, एक पेड़ से अनेक सेव अनेक सेबो में फिर तीन तीन बीज हर बीज से फिर एक एक पेड़ और यह अनवरत क्रम!
वो मुस्कुराते हुए बोले : बस इसी तरह गुरु की कृपा हमें प्राप्त होती रहती है

बस हमें उसकी भक्ति का एक बीज अपने मन में लगा लेने की ज़रूरत है

गुरू एक तेज हे जिनके आते ही

सारे सन्शय के अंधकार खतम हो जाते हैं

गुरू वो मृदंग है जिसके बजते ही अनाहद नाद सुनने शुरू हो जाते है

गुरू वो ज्ञान हैं जिसके मिलते ही भय समाप्त हो जाता है ।

गुरू वो दीक्षा है जो सही मायने में मिलती है तो भवसागर पार हो जाते है

गुरू वो नदी है जो निरंतर हमारे प्राण से बहती हैं

गुरू वो सत चित आनंद है जो हमें हमारी पहचान देता है

गुरू वो बांसुरी है जिसके बजते ही मन और शरीर आनंद अनुभव करता है

गुरू वो अमृत है जिसे पीकर कोई कभी प्यासा नही रहता है!
गुरू वो कृपा ही है जो सिर्फ कुछ सद शिष्यों को विशेष रूप मे मिलती है और कुछ पाकर भी समझ नही पाते हैं!
गुरू वो खजाना है जो अनमोल है

गुरू वो प्रसाद है जिसके भाग्य मे हो उसे कभी कुछ भी मांगने की ज़रूरत नही पड़ती हैं

🙏🏻श्री गुरूदेव चरणकमलभ्यो नमः🙏🏻

आर्य समाज एक परिचय आर्य समाज कोई धर्म नहीं

आर्य समाज एक परिचय
आर्य समाज कोई धर्म नहीं
1. सनातन वैदिक संस्कृति का पहरेदार और भारत के अस्तित्व का रक्षक है
2.आर्य समाज 88 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है ।
3. जनसंख्या प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा आर्य समाज मॉरीशस देश के बाद भारत का दूसरा स्थान है।
4. भारत सरकार के बाद देश में सबसे ज्यादा शिक्षण स्थान आर्य समाज द्वारा चलाये जाते हैं ।
5. भारत में सबसे ज्यादा निशुल्क गुरुकुल जहाँ वैदिक सनातन शिक्षा मिलती है आर्य समाज चलाता है ।
6. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मिशन की शुरुवात आर्य समाज द्वारा 19वी शताब्दी में स्वामी दयानंद द्वारा शुरू की गयी थी उन्ही की बदौलत उस समय सती प्रथा समाप्त हुई विधवा विवाह शुरू हुए ।
7. स्त्री शिक्षा का सबसे पहला विद्यालय आर्य समाज द्वारा देश में जालंधर में खोला गया था । जो आज कन्या महाविद्यालय के नाम से प्रसिद्ध है ।
8. देश में सबसे ज्यादा शहीद होने वाले क्रांतिकार आर्य समाज की ही देन है राम प्रसाद बिस्मिल, चन्द्र शेखर आजाद, लाला लाजपतराय, सुखदेव थापर, राजगुरु, रोशन सिंह आदि सब पक्के आर्य समाजी थे
9. कांग्रेस के भूतपूर्व अध्यक्ष सीता पट्टरामिया जी द्वारा देश में बलिदान होने वाले 85% क्रांतिकारी आर्य समाज की देन हैं ।
10. भगत सिंह जी के दादा जी कट्टर आर्य समाजी थे और वही विचार उनके चाचा और पिता जी में आये और उसी विचारों से भगत सिंह जी आज़ादी की लड़ाई में कूद पड़ें ।
11. आज देश में सबसे ज्यादा सनातन धर्म में वापिसी आर्य समाज द्वारा करवाई जाती है ।
12. 13 अप्रैल 1919 जलियावाला बाग़ की घटना में जब हज़ारो देश भक्तों के ऊपर गोलियां चलाई गई तो देश का हौंसला टूट गया । किसी में दोबारा वहां सभा करने की हिम्मत नहीं हुई तो आर्य समाज के महान सन्यासी स्वामी श्रद्धानंद जी ने दोबारा आर्यों और देश भक्त्तों की सभा कई गुना बड़ी करके दोबारा होंसला जगाया ।
14. देश में फैले पाखण्ड के खिलाफ सबसे ज्यादा जागरूक अभियान आर्य समाज चलाता है ।
15. दलितोंउद्धार सबसे पहले आर्य समाज द्वारा हुआ । शंकराचार्य का विरोध करके दलितों को पूजा पाठ हवन यज्ञ में साथ बैठाना और उन्हें पुरोहित की उपाधि आर्य समाज की ही देन हैं ।
17. देश में सबसे ज्यादा प्रति वर्ष वैदिक पुरोहित आर्य समाज के संस्थानों से निकलते हैं ।
18. आर्य समाज द्वारा ही सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण की सफाई हवन यज्ञ द्वारा की जाती है ।
19. देश में आज अगर वेद मिलते है तो ये आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद जी की देन हैं ।
20. देश में कोई भी प्राकृतिक दुर्घटना के समय सहायता में सबसे आगे आर्य समाज होता है । भले गुजरात भूकम्प, केदारनाथ में बाढ़, नेपाल में भूकम्प हो सबसे आगे आर्मी के बाद आर्य समाज
21. देश में सबसे पहले शुद्धि आंदोलन आर्य समाज द्वारा चलाया गया । अकेले स्वामी श्रद्धानंद जी द्वारा 6 लाख लोगों को वापिस सनातन धर्म से जोड़ा गया ।
और भी बहुत कुछ है पहले जानते है आर्य समाज क्या हैं
आर्य समाज कोई धर्म या संप्रदाय नहीं हैं ना ही कोई जाति । आर्य समाज सत सनातन वैदिक धर्म का रक्षक हैं । शुद्ध भारतीय संस्कृति का रक्षक ।
आर्य समाज श्री राम जी और श्री कृष्ण जी के बताये रास्ते पर चलने का निर्देश देता है ।
आर्य समाज के नियम जन कल्याण के ऊपर हैं
आर्य समाज ईश्वरीय वाणी वेदों के बताये रास्ते पर चलता हैं और भी बहुत कुछ
ज्यादा जानकारी के लिए आप पास के किसी भी आर्य समाज में जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते है और देश राष्ट्रहित में आर्य समाज के सदस्य बन सकते हैं ।

एक बार मीठे हलवे की कटोरी सामने आयी

✍🏻एक बार मीठे हलवे की कटोरी सामने आयी ..तो ऐसे ही ध्यान आया की इसमें काजू,बादाम,सूजी यह सब तो दिखाई दे रहे हैं, पर जिस चीज से इसमें मिठास हैं वह शक्कर तो कही नजर ही नही आ रही हैं...

☝🏻ठीक ऐसे ही हमारे जीवन में भी कुछ आप जैसे लोग हैं, जो हर समय हमारे साथ तो नही रहते, पर उनके अपनेपन की मिठास हमारे जीवन को हमेशा आनंदित करती रहती हैं..!!

जीवन का कठोर सत्य

जीवन का कठोर सत्य
भगवान विष्णु गरुड़ पर बैठ कर कैलाश पर्वत पर गए।
द्वार पर गरुड़ को छोड़ कर खुद शिव से मिलने अंदर चले गए।
तब कैलाश की अपूर्व प्राकृतिक शोभा को देख कर गरुड़ मंत्रमुग्ध थे कि तभी उनकी नजर एक खूबसूरत छोटी सी चिड़िया पर पड़ी।
चिड़िया कुछ इतनी सुंदर थी कि गरुड़ के सारे विचार उसकी तरफ आकर्षित होने लगे।
उसी समय कैलाश पर यम देव पधारे और अंदर जाने से पहले उन्होंने उस छोटे से पक्षी को आश्चर्य की द्रष्टि से देखा।
गरुड़ समझ गए उस चिड़िया का अंत निकट है और यमदेव कैलाश से निकलते ही उसे अपने साथ यमलोक ले जाएँगे।
गरूड़ को दया आ गई। इतनी छोटी और सुंदर
चिड़िया को मरता हुआ नहीं देख सकते थे। उसे अपने
पंजों में दबाया और कैलाश से हजारो कोश दूर एक
जंगल में एक चट्टान के ऊपर छोड़ दिया, और खुद
बापिस कैलाश पर आ गया।
आखिर जब यम बाहर आए तो गरुड़ ने पूछ ही लिया
कि उन्होंने उस चिड़िया को इतनी आश्चर्य भरी
नजर से क्यों देखा था। यम देव बोले "गरुड़ जब मैंने
उस चिड़िया को देखा तो मुझे ज्ञात हुआ कि वो
चिड़िया कुछ ही पल बाद यहाँ से हजारों कोस दूर
एक नाग द्वारा खा ली जाएगी। मैं सोच रहा था
कि वो इतनी जलदी इतनी दूर कैसे जाएगी, पर अब
जब वो यहाँ नहीं है तो निश्चित ही वो मर चुकी
होगी।"
गरुड़ समझ गये "मृत्यु टाले नहीं टलती चाहे कितनी
भी चतुराई की जाए।"
इस लिए कृष्ण कहते है :-
करता तू वह है, जो तू चाहता है
परन्तु होता वह है, जो में चाहता हूँ
कर तू वह , जो में चाहता हूँ
फिर होगा वो, जो तू चाहेगा ।
जीवन के 6 सत्य:-
1. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने खूबसूरत हैं ?
क्योंकि..लँगूर और गोरिल्ला भी अपनी ओर लोगों का ध्यान आकर्षित कर लेते हैं..
2. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका शरीर कितना विशाल और मज़बूत है ?
क्योंकि...श्मशान तक आप अपने आपको नहीं ले जा सकते....
3. आप कितने भी लम्बे क्यों न हों , मगर आने वाले कल को आप नहीं देख सकते....
4. कोई फर्क नहीं पड़ता कि , आपकी त्वचा कितनी गोरी और चमकदार है..
क्योंकि...अँधेरे में रोशनी की जरूरत पड़ती ही है...
5 . कोई फर्क नहीं पड़ता कि " आप " नहीं हँसेंगे तो सभ्य कहलायेंगे ?
क्यूंकि ..." आप " पर हंसने के लिए दुनिया खड़ी है ?
6. कोई फर्क नहीं पड़ता कि ,आप कितने अमीर हैं ? और दर्जनों गाड़ियाँ आपके पास हैं ?
क्योंकि...घर के बाथरूम तक आपको चल के ही जाना पड़ेगा...
इसलिए संभल के चलिए ... ज़िन्दगी का सफर छोटा है , हँसते हँसते काटिये , आनंद आएगा।

ए मेरे मौला

ए मेरे मौला! कुछ ऐसे तेरी रहमतों की हम पर बरसात कर,
कोई ना रहे रोटी, कपड़े और मकान बिना ऐसी करामात कर।

नफरतों का साया ना हो दिल ओ दिमाग पर तेरी दुनिया में,
समझे इंसान को इंसान दुनिया वाले ऐसी सबकी औकात कर।

माँ बाप का साया सिर पर रहे, मिलता सबको उनका प्यार रहे,
खुशियों से भरा हो बचपन सभी का ए मौला कुछ ऐसी बात कर।

चाहत ही चाहत हो चारों तरफ, इंसानियत ही इकलौता धर्म हो,
खुशियों से महके हर एक घर आँगन इतनी सी सौगात कर।

सुलक्षणा कर रही अरदास तुझसे, ए मौला! मत उसे निराश कर,
जीवन सफल हो जाएगा उसका, बस उससे एक मुलाकात कर।

©® डॉ सुलक्षणा