बात कड़वी है पर सच है!

बात कड़वी है पर सच है!पुत्र की परख विवाह के बाद,पुत्री की परख जवानी में,पति की परख पत्नी की बीमारी के समय,पत्नी की परख पति की गरीबी में,मित्र की परख मुसीबत में,भाई की परख लड़ाई में,बहन की परख जायदाद में,और औलाद की परख बुढ़ापे में होती है..!!